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अधिवक्ताओं का आंदोलन समाप्त, दर्ज केस भी जल्द होंगे वापस

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स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल के बयान से आक्रोशित अधिवक्ताओं का आंदोलन पुलिस आयुक्त के आश्वासन के बाद सोमवार को समाप्त हो गया। पुलिस आयुक्त से मांग की कि आंदोलन के तहत अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे भी वापस हो। बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से वार्ता में पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा कि अधिवक्ताओं के सहयोग के बगैर आयुक्त प्रणाली पर कार्य करना संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने पुलिस लाइन में शांतिभंग के आरोपियों की पेशी पर सवाल उठाए। पुलिस कमिश्नर ने आश्वस्त किया तीन माह में कचहरी में ही मजिस्ट्रेट के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे जल्द वापस होंगे। बनारस बार अध्यक्ष ने कहा कि अब आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है। अधिवक्ताओं के बगैर बैनामा किए जाने का दिशानिर्देश शासन का है। पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने इस मुद्दे पर प्रस्ताव दिया कि स्थिति सामान्य होने के पर यूपी बार काउंसिल और शासन को पत्र लिखकर अगस्त 2018 में जारी दिशानिर्देश रद्द करने की मांग की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में महामंत्री द्वय कन्हैया लाल पटेल व विवेक कुमार सिंह, राजा आनंद ज्योति सिंह, विनय कुमार सिंह, सुजीत पांडेय, प्रेमचंद मिश्र आदि शामिल रहे। इसके पूर्व बनारस बार की आम सभा में सदस्यों के विचार के बाद सर्किट हाउस में राज्यमंत्री से हुई सकारात्मक वार्ता से अवगत कराया गया और कमिश्नर से मुलाकात की जानकारी दी गई। सभा की बैठक में अनुराग द्विवेदी, दुर्गा प्रसाद, शैलेंद्र सिंह सरदार आदि रहे।
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