वाराणसी। आईएमएस बीएचयू में सीनियर रेजिडेंट (एसआर) के खाली 180 पदों पर नियुक्ति नहीं हो पा रही है। ट्रॉमा सेंटर समेत आईएमएस के तीनों संकायों (मेडिसिन फैकल्टी, डेंटल फैकल्टी और आयुर्वेद फैकल्टी) में तैनाती न होने से ओपीडी के साथ ही वार्ड में भर्ती मरीजों को भी सेवाओं का पूरा लाभ मिल पा रहा है। इस तरह की स्थिति तब है, जब आईएमएस में पांच माह में इसके लिए दो बार विज्ञापन भी निकाला जा चुका है। जानकारी के मुताबिक आरक्षण के नियमों को लेकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
आईएमएस बीएचूय में सीनियर रेजिडेंट के कुल 284 पद हैं। इसमें 180 पद छह माह से अधिक समय से खाली हैं। जहां तक मरीजों की सेवा की बात है तो ओपीडी के साथ ही वार्डों में भी कंसल्टेंट के साथ सीनियर और जूनियर रेजिडेंट भी मरीजों का इलाज करते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में पद खाली होने से मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है। एसआर की तैनाती के लिए आईएमएस निदेशक कार्यालय की ओर से पहले एक अगस्त 2023 को आंतरिक विज्ञापन जारी किया गया लेकिन बाद में जब नियुक्ति की प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई तो इसको रद करना पड़ा। इसके बाद 30 नवंबर 2023 को एक बार फिर विज्ञापन निकला, जिसमें 21 दिसंबर तक आवेदन का समय दिया गया। अब समय सीमा बीतने के बाद भी नियुक्ति कब होगी, इसका कोई फैसला नहीं हो सका।
किस जगह खाली है कितनी सीटें
मेडिसिन फैकल्टी 96
ट्रॉमा सेंटर 75
डेंटल फैकल्टी 3
आयुर्वेद फैकल्टी 6
आरक्षण का पालन न करने की शिकायत की चल रही जांच
आईएमएस बीएचयू में एसआर की नियुक्ति में आरक्षण के नियमों का पालन न करने की पिछले महीने 21 दिसंबर को कुलपति से शिकायत हुई। ओबीसी, एससी, एसटी संघर्ष समिति बीएचयू और एससी, एसटी स्टूडेंट्स आर्गनाइजिंग कमेटी बीएचयू की ओर से जो शिकायत की गई, उसमें 30 नवंबर को जारी विज्ञापन में विभागवार आरक्षण न दिखाए जाने की बात कही गई थी। इस मामले में संयुक्त कुलसचिव अन्य पिछड़ा वर्ग ने आईएमएस बीएचयू के निदेशक को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की बात कही थी। माना जा रहा है कि शिकायत का निस्तारण होने के बाद भी इस मामले में कोई फैसला होने की संभावना है। तब तक मरीजों की समस्या बरकरार रहेगी।