वाराणसी। विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। गाजेबाजे के साथ पूजा समितियां और क्लबों ने विभिन्न कुंडों में प्रतिमाएं विसर्जित कीं। इस दौरान युवाओं डीजे की धुन पर थिरकते और अबीर-गुलाल उड़ाते चल रहे थे। वहीं, विभिन्न पूजा पंडालों में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही।
वसंत पंचमी पर मां सरस्वती पर पूजा पंडालों के अलावा शिक्षण संस्थाओं में श्रद्धा और भक्तिभाव से पूजन अर्चन किया। बृहस्पतिवार को भी सुबह पूजन अर्चन और आरती की। दोपहर बाद मां की प्रतिमा को लेकर गाजेबाजे के साथ जुलूस की शक्ल में निकले। युवक अबीर गुलाल उड़ा रहे थे। डीजे की धुन पर थिरकते और भक्ति में मगन होकर चले रहे थे। मां सरस्वती के जयघोष से पूरा माहौल भक्ति मय था। कई पूजा समितियों और शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित प्रतिमाएं कुंडों पर विसर्जित कर मां को विदा किया। लक्ष्मीकुंड, शंकुलधारा पोखरा, मंदाकनी कुंड, ईश्वरगंगी पोखरा के अलावा शिवपुर, कंदवा आदि कुंडों पर विसर्जन हुए। उधर, ग्रामीण इलाकों के तालाबोें में भी प्रतिमाएं विसर्जित की गईं।
पंडालों में गीत-संगीत की रही धूम
शहर के कुछ पूजा पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। देवी जागरण में म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने भजनों की अमृतवर्षा की। वहीं, राधा-कृष्ण, महिषासुर मर्दिनी, मां काली, शिव तांडव की झांकी सजाई।