कमिश्नरी परिसर में प्रस्तावित जीप्लस 10 एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण अब विकास प्राधिकरण स्वयं कराएगा। निर्माण में खर्च होने वाले 150 करोड़ रुपये राज्य वित्त से लिए जाएंगे। निर्माण के बाद जिले में संचालित 44 सरकारी कार्यालयों को इसमें शिफ्ट किया जाएगा। भूमिगत पार्किंग भी बनाई जाएगी। इसे सर्किट हाउस परिसर में बने भूमिगत पार्किंग से जोड़ा जाएगा। इसमें 38.84 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वीडीए की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। कमिश्नरी परिसर में प्रस्तावित डमरू के आकार वाली 18 मंजिला ट्वीन टाॅवर के लिए निजी विकासकर्ताओं के रुचि नहीं लेने के बाद अब इसके मॉडल में बदलाव किया गया है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत प्रस्तावित इस भवन में खर्च अधिक आने के कारण प्रस्ताव को बदला गया। नई योजना के अनुसार विकास प्राधिकरण की ओर से इसका निर्माण कराया जाएगा। अब 22 हजार वर्गमीटर यानि 5.5 एकड़ जमीन में केवल एक भवन बनेगा। इसके बाद शेष भूमि में भूमिगत पार्किंग का निर्माण होगा। इसके निर्माण के साथ ही सर्किट हाउस में बनी पार्किंग को आपस में जोड़ा जाएगा। वीडीए उपाध्यक्ष अभिषेक गोयल ने बताया कि नए प्रस्ताव को बोर्ड से सहमति के बाद अब शासन से स्वीकृति मांगी गई है।