वाराणसी। शिवगंगा, स्वतंत्रता सेनानी, बेगमपुरा, डुप्लीकेट पंजाब मेल समेत कई ट्रेनों की लीज बोगी में रोजाना कपड़ों का गट्ठर कोलकाता, नई दिल्ली, लुधियाना से कैंट स्टेशन पर उतरता है। वाणिज्य कर की चोरी के लिए दलाल इन गट्ठरों को मंडुवाडीह जाने वाली सवारी गाडि़यों पर लाद देते हैं। आसानी से इन गट्ठरों को कैंट-मंडुवाडीह के बीच उतार लेते हैं। कर चोरी के लिए इस खेल में ड्राइवर, गार्ड, आरपीएफ, जीआरपी की मिलीभगत होती है। मौके पर आकर ड्राइवर सवारी गाडि़यों को कुछ समय के लिए रोक देते हैं या धीमी कर देते हैं। इतनी देर में दलाल गट्ठरों को बोगियों से बाहर फेंक देते हैं। व्यापारी सूत्रों का कहना है कि कोलकाता से किलो के भाव में पुराने कपड़े खरीदे जाते हैं। इसे बनारस में लाकर धुलाई होने के बाद छटाई की जाती है। बनारस में यह मार्केट लाखों में पहुंच गया है। सोमवार को मंडुवाडीह में ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना पर पूर्वोंत्तर रेलवे मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो, इसके लिए आरपीएफ के जवान बराबर पेट्रोलिंग करेंगे। वाणिज्य कर के संयुक्त आयुक्त वीबी सिंह ने कहा कि रेलवे परिसर में जाकर नियमानुसार विभाग के अधिकारी माल सीज नहीं कर सकते हैं। एक-दो बार माल पकड़ने के लिए अधिकारी गए भी तो रेलवे कर्मचारी लड़ाई पर उतारू हो गए। सड़क पर माल पकड़ा जाता है।