27 अक्टूबर से शुरू मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में अब तक 43500 से अधिक मतदाताओं ने फॉर्म-7 भरकर मतदाता सूची से नाम हटाने की गुहार लगाई है। इससे जिले में बड़ी तादाद में वोटरों के नाम कम होने का अनुमान है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक आपत्तियों के सत्यापन के बाद अमूमन तीन से चार फीसदी आवेदन निरस्त हो जाते हैं। ऐसे में लगभग 42 हजार वोटरों का नाम मतदाता सूची से कटना तय है। दूसरी ओर लगभग 93 हजार नए मतदाता बनने के लिए भी आवेदन आए हैं। इससे माना जा रहा है कि इस बार जिले की मतदाता सूची में 50 हजार से अधिक नए मतदाता जुड़ेंगे। इसके चलते मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व जिले की कुल मतदाताओं की संख्या (30.63 लाख) बढ़कर 31 लाख के पार पहुंच जाएगी। चुनावी वर्ष में इस बार 1.45 लाख से अधिक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इनमें 43.5 हजार मतदाताओं ने सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया है।
एडीएम प्रशासन बिपिन कुमार मतदाता सूची से नाम हटाने और नए मतदाता बनाने के लिए आवेदन लगातार हो रहे हैं। इनके सत्यापन के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। प्रक्रिया अभी चल रही है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 जनवरी को होना है।