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कभी पिता की तस्वीर देखता तो कभी माला छू रहा था आयुष

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चौबेपुर। भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक से संबंधित समाचार मंगलवार की सुबह सार्वजनिक हुआ तो ग्रामीण तोफापुर निवासी शहीद रमेश यादव के घर पर एकत्र होने लगे थे। घर के बाहर टेबल पर रखी शहीद रमेश की तस्वीर पर फूलमाला डाल कर उनकी मां राजमती देवी उन्हें अपलक देखते हुए सिसक रहीं थीं। इस बीच शहीद का डेढ़ साल का इकलौता बेटा आयुष पिता की तस्वीर के समीप आया। कभी वह पिता की तस्वीर को छूने का प्रयास करता तो कभी माला को छूता और फिर हाथ हटा लेता। मासूम आयुष की यह हरकतें देख कर उसे सीने से लगाकर उसकी दादी दहाड़ें मार कर रोने लगीं। राजमती बार-बार यही कह रहीं थी कि कहां घर सून कर कहां चल गइल हो मोर करेजा... अब ई मासूम केके पापा कही... केके सहारे अउर कैसे रही...। घर और आसपास की महिलाओं ने किसी तरह से राजमती देवी को ढांढस बंधाते हुए शांत कराया। इस दौरान मौके पर मौजूद रहे सभी लोगों की आंखें डबडबा उठी थी।
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