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कालीन नगरी में कान्हा के जन्मोत्सव का उल्लास

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ज्ञानपुर। नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल...। रात में 12 बजते ही हर तरफ उल्लास का माहौल हो गया। भगवान के जन्म के बाद आतिशबाजी हुई और जयकारे लगाए गए। रविवार शाम को अष्टमी लगने से जन्माष्टमी दो दिन मनाया जा रहा है। सोमवार को भी कई स्थानों पर भगवान के जन्म का पर्व मनेगा। जन्माष्टमी को लेकर नगर के केएनपीजी, उप कारागार ज्ञानपुर, दूधनाथ मंदिर, हरिहरनाथ मंदिर, हनुमत कुटिया सहित बालीपुर स्थित कागभुसुंडी आश्रम, तहसील रोड, दुर्गागंज रोड, पटेल नगर सहित कई स्थानों पर आकर्षक झांकी सजाई गई है। माखन चोरी, गोपियों के साथ नृत्य, कालिया मर्दन, नाग नथैया, कंस वध, पूतना वध, कारागार में जन्म, वासुदेव द्वारा श्रीकृष्ण को ले जाना, शेषनाग द्वारा छाया करना, अर्जुन को गीता का उपदेश देना आदि लीलाओं की सजीव झांकी बनाई गई है। नगर में मेले का माहौल रहा। बड़ी संख्या में सौंदर्य प्रसाधन, खिलौने, खाने-पीने की दुकाने सजी रही। रात में भगवान के जन्म के साथ ही नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की , भय प्रकट कृपाला दीन दयाला आदि भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। भदोही, चौरी, सुरियावां, मोढ़, महराजगंज, बाबूसराय, कौलापुर, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज, पाली, अभोली, कोइरौना, सीतामढ़ी, कटरा आदि क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाया गया। मोढ़ के बरमोहनी गांव में जन्मोत्सव पर श्रीकृष्ण बाल गोपाल मित्र मंडल की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मौके पर दिनेश यादव, जितेंद्र यादव, मुकुंद सरोज, ओम प्रकाश, राजेंद्र गौतम, रमाशंकर, सुरेश यादव, अनुवेश, अभिमन्यु आदि रहे। देईपुर गांव में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान सुंदर कांड और हरिकीर्तन पाठ किया गया। सोमवार को दही हंडी मटकी फोड़ होगा। मौके पर रमेश चंद्र त्रिपाठी, डॉ.गोपीचन्द त्रिपाठी, पूर्व प्रधान सुरेशचंद्र मिश्र, फूलचंद्र त्रिपाठी, सुरेशचंद्र त्रिपाठी, नेमचंद आदि रहे। औराई संवाददाता के अनुसार, औराई कोतवाली में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कोतवाल सुनील दत्त दूबे ने विधि विधान से भगवान श्रीकृष्ण का पूजन अर्चन किया। रात में भगवान का जन्म होते ही कोतवाली परिसर राधे कृष्ण के जयकारे से गूंज उठा।
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