वाराणसी। पैमाइश के नाम पर एक हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए जौनपुर जनपद के मड़ियाहूं तहसील में तैनात लेखपाल रमेश चंद्र निगम को दोषी पाते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास व 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) लालचंद्र की अदालत ने यह फैसला दिया। एडीजीसी राजीव सिन्हा के अनुसार जौनपुर जनपद के मोकलपुर गांव निवासी त्रिवेणी प्रसाद दूबे ने सतर्कता विभाग में 15 जून 2007 को शिकायत दर्ज कराई कि उसके जमीन की पैमाइश करने के नाम पर चार हजार रुपये रिश्वत की मांग मोकलपुर गांव के लेखपाल रमेश चंद्र निगम द्वारा मांगी जा रही है। इसमें से पेशगी के रूप में एक हजार रुपये 15 जून को देने के लिए मड़ियाहूं तहसील पर बुलाया है। शिकायत पर सतर्कता विभाग की टीम ने योजना बनाकर उसी दिन मड़ियाहूं तहसील के समीप स्थित एक मिठाई की दुकान से एक हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने अभियुक्त को विचारण के बाद अभियुक्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया और सजा सुना दी।