वाराणसी। लोहा व्यापार मंडल के बैनर तले ‘ई-वे बिल’ के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध मार्च पैदल निकालकर विरोध प्रदर्शन किया व पूरे लोहा मंडी क्षेत्र में भ्रमण किया। व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने ‘एक राष्ट्र-एक कर’की घोषणा जीएसटी लागू होने के पूर्व मे की थी परंतु आज व्यापारियों को प्रांत बाहर से माल मगाने पर ‘ई-वे बिल’ एक जेनरेट करना पड़ता है। प्रांत अंदर माल बिक्री पर ई-वे बिल-दो जेनरेट करना पड़ रहा है। यह दोनों फार्म आनलाइन जेनरेट करना पड़ता है। साधारणत: व्यापारियों के प्रक्रिया काफी जटिल है फिर भी सरकारी आदेश का पालन करने के लिए व्यापारी ई-वे बिल एक और की पूर्ति कर रहे है। समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है कि एक फरवरी से संपूर्ण भारत वर्ष में बिक्रेता को 50 हजार के ऊपर की बिक्री पर ई-वे बिल भरना है। उत्तर प्रदेश में व्यापार करने पर व्यापारी को तीन सरकारी प्रपत्र को आनलाइन जेनरेट करना पड़ेगा जबकि अन्य राज्यों में बिक्रेता व्यापारी को मात्र एक सरकारी प्रपत्र जेनरेट करना पड़ेगा। व्यापारियों ने एक सुर से उत्पीड़न बंद करने की मांग की। उत्तर प्रदेश से ई-वे बिल एक और ई-वे बिल दो समाप्त किया जाय ताकि व्यापारियों के साथ न्याय हो सके। विरोध मार्च में रामभजन अग्रहरि, रजनीश कन्नौजिया, हजारी लाल, कैलाश साहू, चंद्रभूषण सिंह, अशोक सिंघल, लालजी, विनोद, रामजी, आशीष, इलियास, गुलशन, आशाराम, दयाशंकर, मनोज आदि मौजूद रहे।