वाराणसी। दरगाह-ए-फातमान में गुरुवार को मजलिस का आयोजन किया गया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि यह महीना रबी-उल-अव्वल का है। इसे बहार का महीना भी कहते हैं क्योंकि इसी महीने में हजरत मोहम्मद दुनिया में तशरीफ लाए। उन्होंने अपने किरदार, व्यवहार से इस्लाम का परचम लहराया और इंसानियत की बागडोर संभाली। वैसे ही उनके नवासे इमाम हुसैन ने भी कर्बला में 72 कुर्बानियां पेशकर अमन का पैगाम दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में मर्दों और ख्वातीन ने देश और दुनिया में शांति, खुशहाली के लिए दुआएं मांगी। मुख्य रुप से बुनियाद हुसैन, शब्बीर हैदर, आलिम हुसैन, शाहिन हुसैन, वकार रिजवी आदि मौजूद रहे। दरगाह के मुतवल्ली अब्बास रिजवी शफक ने जायरीन का इस्तकबाल किया। दुआख्वानी का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।