ज्ञानपुर। भाजपा के जिन प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भदोही पहुंचे थे, मंच से उनका एक बार नाम तक नहीं लिया। अलबत्ता यह जरूर कहा कि आप का एक-एक वोट सीधे मेरे खाते में जाएगा। सभा के बाद प्रत्याशियों का नाम न लेने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने अलमऊ की जनसभा के जरिए भदोही के साथ-साथ फूलपुर सीट को भी साधने का प्रयास किया। मंच पर भदोही प्रत्याशी रमेश चंद्र बिंद के अलावा फूलपुर से भाजपा प्रत्याशी केशरी पटेल भी मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान दोनों प्रत्याशियों को मंच पर खड़ा कराया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री के आगमन के बाद दोनों प्रत्याशी बैठ गए। इस दौरान पूरी जनसभा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कद और उनके भाषण पर केंद्रित रही। मोदी ने भदोही के साथ फूलपुर लोकसभा क्षेत्रों का नाम लेते हुए पूर्वांचल भर में भाजपा को जिताने का आह्वान किया, लेकिन मंच पर मौजूद दोनों प्रत्याशियों का नाम नहीं लिया। इसके पीछे मोदी और भाजपा हाईकमान की रणनीतिक मंशा चाहे जो रही हो, लेकिन सभा के बाद स्थानीय स्तर पर इस मसले के सियासी निहितार्थ खोजे जाने लगे थे।