वाराणसी/सारनाथ। आजमगढ़ जिले के मूल निवासी और सारनाथ के लोहिया नगर में मकान बनवा कर रहने वाले अशोक सिंह की हत्या अगस्त, 2011 मेें चौबेपुर थाना के उमरहां बाजार में गोली मार कर की गई थी। अशोक उमरहां बाजार में जमीन खरीद-फरोख्त संबंधी काम करने के लिए अपना कार्यालय खोले हुए थे। वारदात को लेकर अशोक के बेटे आशीष ने कैलाश यादव सहित तीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में 2017 में कैलाश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सजा के खिलाफ कैलाश ने हाईकोर्ट मेें अपील की और तीन महीनेे पहले वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। कैलाश यादव पूर्व में नरायनपुर गांव से बीडीसी और प्रधान का चुनाव भी लड़ चुका है। उसके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, दलित उत्पीड़न, धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में चौबेपुर में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। कैलाश के अनुसार उसे आशंका थी कि आशापुर से ही उसका पीछा किया जा रहा है। हेलमेट पहन कर बाइक चला रहे कैलाश ने परिजनों को कॉल कर बताया भी था कि उसका पीछा किया जा रहा है और लग रहा है कि गोली मारी जाएगी। हालांकि जब तक वो सुरक्षित अपने ठिकाने पहुंचता तब तक उस पर जानलेवा हमला हो चुका था।