उत्तर प्रदेश एससी एसटी आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामबाबू हरित ने बुधवार को सर्किट हाउस में सरकार की योजनाओं की समीक्षा की। निर्देश दिया कि 15 नवंबर को पहली सहालग में प्रत्येक ब्लॉक में कैंप लगाकर एससी-एसटी परिवार की लड़कियों की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी कराई जाए। बैठक में बताया गया कि अप्रैल से जुलाई तक वाराणसी में एससी-एसटी उत्पीड़न के 58 मामले आए और सभी में पीड़ित पक्ष को शासन द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। जिला दिव्यांगजन अधिकारी ने बताया कि 13 दिव्यांगजनों की शल्य चिकित्सा बीएचयू व हेरिटेज अस्पताल में कराई जा चुकी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद निराश्रित गरीब महिलाओं को पेंशन, माता-पिता को खोने वाले बच्चों को बाल सेवा योजना में आच्छादित कर सहायता दी जा रही है। डॉ. रामबाबू हरित ने निर्देश दिया कि एससी-एसटी से जुड़े मामलों में संजीदगी से काम करें और सरकार की गाइड लाइन का पालन किया जाए। उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाई। आयोग के उपाध्यक्ष राम नरेश पासवान ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट का सदुपयोग हो और हर प्रकार के मामलों में त्वरित न्याय हो। बैठक में आयोग के सदस्य मनोज सोनकर, सदस्य अनीता सिद्धार्थ सहित मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे।