भदोही। देर से ही सही लेकिन भदोही में बनकर तैयार कार्पेट एक्सपो मार्ट के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को लखनऊ में इसके संचालन और प्रबंधन के लिए कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने पर कालीन उद्यमियों ने खुशी जताई। अब लोगों की नजरें यहां इंडिया कारपेट एक्सपो के आयोजन पर टिक गई हैं। चूंकि अक्टूबर में इंडिया कारपेट एक्सपो वाराणसी में आयोजित करने की घोषणा हो चुकी है। इसलिए वर्ष 2019 से यहां कार्पेट फेयर के आयोजन हो सकेंगे। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) देश में दो इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन करती है। मार्च में नई दिल्ली में तथा अक्टूबर माह में वाराणसी में फेयर होता आया है। लंबे अर्से से वाराणसी का फेयर भदोही में आयोजित किए जाने के बारे में विचार किया जाता रहा है लेकिन कोई स्थल नहीं होने से मामला टलता रहा है। इस बीच पूर्ववर्ती सपा सरकार द्वारा भदोही में 2 सौ करोड़ की लागत से कारपेट सिटी में कारपेट एक्सपो मार्ट का निर्माण तो कराया गया लेकिन इसका संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका था। विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में कैबिनेट बैठक में कारपेट एक्सपो मार्ट के प्रबंधन और संचालन की नीति को हरी झंडी दे दी गई। इससे अब यहां इंडिया कारपेट एक्सपो के आयोजन की आशा जग गई है। यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने इसके संचालन के लिए पूर्व सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों में व्यापक रूप से परिवर्तन किया है। उधर अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के अध्यक्ष ओएन मिश्र ने कहा कि कैबिनेट बैठक के प्रस्ताव का एकमा स्वागत करती है। एकमा प्रारंभ से ही इसके शुभारंभ की मांग करती रही है। कैबिनेट के फैसले से यहां कारपेट मेले के आयोजन की आशा मजबूत हो गई है। कहा कि चूंकी अक्टूबर फेयर का वाराणसी में आयोजन की तैयारी सीईपीसी कर चुकी है इसलिए आगामी अक्टूबर में यहां फेयर आयोजन तो संभव नहीं है लेकिन शासन के से निर्देश मिलने के बाद यहां निकट भविष्य में उद्योग हित में कोई नई शुरूआत की जा सकती है।