ऊंज। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिछिया का भवन पूरी तरह जर्जर हो गया है। 1971 के बने भवन की मरम्मत कभी नहीं कराई गई। छत जगह-जगह टपक रही है और छत को बाद में पिलर बनाकर सहारा दिया गया है। विद्यालय में 130 बच्चे पढ़ते हैं। भवन अब गिरा, तब गिरा वाली स्थिति में पहुंच गया है। हेडमास्टर ने विभाग को पत्र भेजकर भवन बनवाने की मांग की। करीब 10 दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश से जर्जर भवनों की पोल खुलने लगी है। डीघ विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिछियां में इन दिनों पढ़ने वाले बच्चे डर-डर कर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। करीब 50 साल पूर्व बने भवन मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके हैं। बारिश में कक्षाओं में पानी टपकने से पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। वर्तमान में स्कूल में 130 बच्चें पंजीकृत हैं। वे जर्जर कक्षाओं में पढ़ने के दौरान परेशान रहते हैं। प्रधानाध्यापक बंशीधर मिश्र ने कहा कि विभाग को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन अब तक कक्ष को लेकर कोई पहल नहीं की गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुुमार ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जर्जर भवनों की रिपोर्ट मांगी गई है। भवनों को चिह्नित कर वहां बच्चों को न बैठाने का निर्देश दिया गया है। सूची आने के बाद नए भवन के निर्माण के लिए पहल की जाएगी।