वाराणसी। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि नेपाली युवतियों और महिलाओं को रोजगार दिलाने का झांसा संदीप और सुंदरी देते थे। दोनों नेपाली भाषा में ही युवतियों और महिलाओं से बातचीत कर उन्हें रोजगार दिलाने का वादा कर नेपाल से सोनौली लाते थे। इसके बाद सोनौली से बस से बनारस लाते थे। रोजगार दिलाने के नाम पर 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये एडवांस लिया जाता था। इसके बाद शहर आने पर उनके नाम और पते से संबंधित कागजात छीन लिया जाता था। देह व्यापार से इंकार करने पर नेपाली युवतियों और महिलाओं के साथ मारपीट भी की जाती थी। साथ ही, सभी की निगरानी के लिए हट्टेकट्टे बाउंसर रखे गए थे। हालांकि, कितनी युवतियां और महिलाएं नेपाल से बनारस लाई गईं और वो फिलहाल कहां हैं, इसका खुलासा तभी होगा जब सुंदरी और संदीप गिरफ्तार होंगे।