वाराणसी। साहित्यकार मनु शर्मा बड़ी पियरी स्थित आवास के जिस कमरे में रहते थे वह अब सूना हो गया है। बुधवार को कमरे में सैकड़ों पुस्तकों के साथ उनकी कालजयी रचनाएं भी थीं। उनका बिस्तर, कुर्सी मेज, किताबों की रैक, पुरस्कार, पुराने यादगार फोटो थे। सब कुछ था लेकिन मनु शर्मा नहीं थे। इसी कमरे में उन्होंने शब्दों का संसार रचा। बिस्तर के बगल में उनकी छड़ी और ऑक्सीजन का सिलेंडर रखा था। कई बार श्वास संबंधी दिक्कत होने पर उन्हें ऑक्सीजन मास्क लगाया जाता था। जिस कुर्सी पर बैठकर वे लिखते थे वह कुर्सी और मेज भी थी लेकिन खाली-खाली सी...।