औद्योगिक व्यवसायिक संपत्तियों का हस्तांतरण शुल्क 5000 किए जाने से औद्योगिक विकास में तेजी आएगी। आपसी कलह, मनमुटाव, झगड़े, विवाद के कारण बंद पड़े उद्योग के संचालन के लिए परिवार के अन्य सदस्यों को अपना उद्योग स्थापित करने का अवसर मिलेगा। आईआईए और अन्य औद्योगिक व्यापारिक संगठनों ने इस पर हर्ष जताया। आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। पिछले दो साल से प्रदेश का पूरा उद्योग जगत हस्तांतरण शुल्क, खेती, घर की भांति औद्योगिक, व्यवसायिक संपत्ति में कमी करने की मांग कर रहा था। आईआईए की ओर से 18-19 दिसंबर को टूरिज्म एक्सपो में पूरे प्रदेश के उद्यमियों द्वारा स्टांप एवं पंजीयन मंत्री माननीय रविंद्र जायसवाल से इस बारे में निवेदन भी किया था। राज्यमंत्री ने इस दिशा में कारगर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके लिए उद्यमियों और व्यापारियों ने सरकार समेत स्टांप मंत्री का आभार जताया है। बधाई देने वालों में आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी, राजेश भाटिया, दीपक बजाज, अनुपम देवा, नीरज पारीख, राहुल मेहता, प्रशांत अग्रवाल रहे।