पहली बार बनारस के मछली पालकों को विदेशी तकनीकी से रूबरू कराया जा रहा है। दुबई से वैज्ञानिक मंडल के चार जिलों के 50 मछली पालकों को सेवापुरी के बनकट में शुरू पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को मछली पालकों को नई तकनीक से पानी में ऑक्सीजन जांचने, पानी और मिट्टी के पैरामीटर नापने, जल और मृदा सुधार कर इसकी गुणवत्ता बढ़ाने के बारे में जानकारी दी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य राजेंद्र कुमार ने बताया कि विश्व बैंक के सहयोग से यूपी एग्रीज परियोजना के तहत मंडल के वाराणसी के 35, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली के पांच-पांच प्रगतिशील मछली पालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस परियोजना की शुरुआत वाराणसी से हुई। इसके बाद प्रदेश के 28 जिलों में प्रशिक्षण दिए जाएंगे।