बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज
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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी और हत्या के विरोध में चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठै जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट मंगलवार को हड़ताल पर रहे। बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में रेजिडेंट ने अपनी सेवाएं नहीं दीं। मंगलवार को ओपीडी में केवल 4919 मरीज ही देखे गए, जबकि केवल 49 मरीजों के ही ऑपरेशन हो सके।
लिहाजा ओपीडी में केवल कंसल्टेंट ही बैठे। इस वजह से मरीजों की भीड़ ओपीडी के अंदर से बाहर तक लगी रही। बुधवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। रेजिडेंट की हड़ताल का असर आपरेशन थियेटर से लेकर जांच काउंटर रहा। आम दिनों में बीएचयू अस्पताल में छह हजार से अधिक मरीज आते हैं। जबकि सभी विभागों को मिलाकर करीब 100 मरीजों की सर्जरी होती है।
रेजिडेंट के ओपीडी और सामान्य सर्जरी में सेवा न देने से इसका ग्राफ भी गिर गया। मंगलवार को न्यूरोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, हृदय रोग विभाग, गैस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी सहित अन्य विभागों की ओपीडी के साथ ही एमसीएच विंग में गर्भवती महिलाओं की भी भीड़ रही।
पर्चा जमा करने के बाद मरीज बाहर लाइन में खड़े होकर डॉक्टर को दिखाने को लिए इंतजार करते रहे। इधर ओपीडी के बाहर कोई स्ट्रेचर पर तो कोई व्हीलचेयर पर अपने मरीज को लेकर डॉक्टर को दिखाने के लिए खड़ा रहा। इधर जूनियर रेजिडेंट के न बैठने का असर यह रहा तीन बजे तक न्यूरोलॉजी विभाग, सर्जरी विभाग सहित अन्य विभागों में मरीजों की लाइन लगी रही।