बेसिक विद्यालयों में पढ़ने वालों 45 फीसदी बच्चों की अपार आईडी अब तक नहीं बन पाई है। इससे बच्चों का डेटा जुटाना मुश्किल होगा। हालांकि, इसके लिए बीएसए ने 31 दिसंबर तक का समय दिया है। नई शिक्षा नीति के तहत हर बच्चे की जानकारी अब यू डाइस में पूरी तरह से डिजिटल होगी। छात्र की एक ही आईडी रहेगी। जिसे लेकर छात्र-छात्रों की अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट ) बनाई जा रही है। अपार आइडी के बिना अब स्कूल अपने यहां छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे जिले के 1143 स्कूलों में 1 लाख 78 हजार विद्यार्थियों की अपार आइडी बनाई जानी है। इसमें से अभी तक 45 फीसदी यानी 78 हजार 300 विद्यार्थियों की अपार आईडी नहीं बन पाई है। बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अपार आईडी बनाने के लिए सभी विद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। 31 दिसंबर के पूर्व सभी बच्चों की आईडी जनरेट कर दी जाएगी।