जिले के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे 42.33 फीसदी यानी 2.87 लाख बच्चों की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। इसे लेकर शासन ने नाराजगी व्यक्त की। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बीएसए और डीआईओएस को पत्र भेजकर जल्द इसे 100 फीसदी करने को कहा है। बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में करीब 6.78 लाख बच्चे हैं। इनमें बेसिक के 1.78 लाख और करीब 5 लाख बच्चे माध्यमिक शिक्षा के हैं। इनमें से 2.87 लाख बच्चे अभी भी अपार आईडी से वंचित हैं। शनिवार को शासन स्तर पर इसकी बैठक हुई जिसमें 42.33 फीसदी बच्चों की अपार आईडी अब तक नहीं बन पाई है। इससे बच्चों का डेटा जुटाना मुश्किल होगा। नई शिक्षा नीति के तहत हर बच्चे की जानकारी अब यू डाइस में पूरी तरह से डिजिटल होगी। छात्र की एक ही आईडी रहेगी। जिसे लेकर छात्र-छात्रों की अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट ) बनाई जा रही है। अपार आइडी के बिना अब स्कूल अपने यहां छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं।