इंडियन सोसाइटी ऑफ पेरिनेटोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी (आइसोर्पाब) के दो दिवसीय सेमिनार का रविवार को समापन हुआ। सेमिनार में देशभर के 300 से अधिक विशेषज्ञों ने मातृत्व से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ प्रो. डॉ. एस. अरुलकुमारन, डॉ. शिल्पी पांडेय और डॉ. जे. बी. शर्मा ने मुख्य व्याख्यान दिया। सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक सत्र, वर्कशॉप, पैनल चर्चाएं, पेपर और पोस्टर प्रेजेंटेशन हुए। जिनमें 300 से अधिक डेलीगेट्स ने भाग लिया। महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर कार्य करने वाली डॉ. रूचि सिन्हा ने बताया कि देश में गर्भावस्था के दौरान मातृ मृत्यु दर अभी भी चिंता का विषय है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन होते हैं। मुख्य संचालक डॉ. एल. के. पांडेय और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुलेखा पांडेय ने आइसोर्पाब की स्थापना के उद्देश्य के बारे में बताया।