हाथी घोड़े 251 कुंवारी कन्याओं व महिलाओं ने कलश यात्रा निकाल कर 9 दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का किया
मां नेपाली भगवती धाम छितमपुर में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ सोमवार को कलशयात्रा के साथ हुआ। गाजे-बाजे के साथ 251 कन्याएं व महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। शोभायात्रा में बैंडबाजे, हाथी, घोड़े के साथ लोग भजन कीर्तन करते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा मां नेपाली भगवती धाम से प्रारंभ होकर गौरीशंकर महादेव मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद मां गंगा का पूजन हुआ। शोभायात्रा कादीपुर चौराहा, चौबेपुर, चंद्रावती एवं ढाका मार्ग से होते हुए पुनः मां नेपाली भगवती धाम स्थित यज्ञ स्थल पहुंची। यहां पूजन अर्चन के साथ विधिवत कलश स्थापना की गई। अयोध्या से आए संत राजेंद्र दास महाराज के सानिध्य में महायज्ञ 30 जून तक चलेगा। उन्होंने बताया कि यह यज्ञ देश में सुख, समृद्धि, विश्व शांति तथा भारत को दोबारा विश्व गुरु बनाने की कामना की जाएगी। यज्ञ में विश्व कल्याण एवं मानवता की रक्षा के लिए विशेष आहुतियां भी दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि 23 जून से शतचंडी महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ होगा। 29 जून तक प्रतिदिन सुबह यज्ञ एवं शाम को चार से रात आठ बजे तक श्रीमद्भागवत कथा होगी तक किया जाएगा। संत राजेंद्र दास महाराज ने बताया कि 30 जून को हवन पूजन के साथ पूर्णाहुति होगी।