जौनपुर। एचआईवी से बचाव के लिए तमाम प्रयास किए जाने के दावे किए जाते हैं। इसके लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। बावजूद इसके जिले में एचआईवी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक साल में 235 नए मरीज मिले। इनका इलाज चल रहा है। इसमें युवा उम्र के ज्यादा लोग हैं। हद तो यह कि इतने अभियान के बावजूद 600 लोगों ने दवा लेनी बंद कर दी।
स्वास्थ्य विभाग वर्ष 2011 से एचआईवी संक्रमितों का डाटा संकलित कर रहा है। अब तक 7435 मरीज मिले हैं। इसमें से 3800 मरीजों का नियमित रूप से इलाज चल रहा है। 3000 लोग ऐसे हैं जिनका उपचार बाहर चल रहा है या कहीं चले गए हैं, मौत हो चुकी है। संक्रमितों में बच्चे, उम्र दराज लोग, युवा और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
प्रतिदिन 250 मरीज लेते हैं दवा
जिला अस्पताल में तैनात एड्स विशेषज्ञ डा. सफीक अंसारी ने बताया कि में हर दिन करीब 200 से 250 संक्रमित दवा के लिए आते हैं। सोमवार को दवा लेने वालों की भीड़ अधिक रहती है। जिला अस्पताल में दवा के लिए आने वाले संक्रमितों का पंजीकरण किया जाता है।
20 से 30 साल के 500 से ज्यादा मरीज
जौनपुर। जिले में हर आयु वर्ग के लिए एचआईवी से संक्रमित चिन्हित किए गए हैं। इसमें 14 साल तक के बच्चे भी शामिल हैं। इनकी संख्या 64 है। उनका इलाज चल रहा है। 5 साल तक के 6 बच्चे, 6 से 9 साल तक 16 बच्चे और 10 से 14 साल तक कुल 42 बच्चे एचआईवी संक्रमित चिन्हित किए गए हैं। इसी तरह सबसे ज्यादा संख्या 20 से 30 साल के बीच वालों की है। इनकी संख्या 500 से अधिक है। कुल संक्रमितों में करीब 35 फीसदी महिलाओं की संख्या है।
एचआईवी एक ऐसा वायरस है, जो मनुष्य में प्रवेश कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर देता है। एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम एचआईवी की ही एक अवस्था है। एचआईवी संक्रमित में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बेहद कमजोर हो जाती है। इससे वह बीमारियों की चपेट में जल्दी आता है। उन्होंने बताया कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में इसके होने की संभावना काफी कम होती है।-डा. राकेश कुमार, नोडल अधिकारी, एड्स कार्यक्रम जौनपुर