काशी तमिल संगमम् में आने वाले सैलानियों को दक्षिण भारतीय जायके के साथ उत्तर भारतीय व्यंजन परोसे जाएंगे। इंडिया टूरिज्म की ओर से इसका बंदोबस्त किया जाएगा। अधिकारियों के 22 शेफ लगेंगे। इसमें 10 दक्षिण भारतीय जबकि 12 स्थानीय शेफ हैं।
सैलानियों को उत्तर से लेकर दक्षिण तक के परोसे जाएंगे लजीज व्यंजन
इंडिया टूरिज्म वाराणसी कार्यालय के सहायक निदेशक अमित गुप्ता के मुताबिक नमो घाट पर पहले से चार स्टॉल हैं। इसके अलावा इंडिया टूरिज्म की ओर से चार और अस्थायी स्टाल का निर्माण कराया जाएगा। इसके माध्यम से सैलानियों को उत्तर से दक्षिण तक के लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे। इडली-डोसा, काशी का चाट, बाटी आदि परोसे जाएंगे।
नमो घाट पर होने वाले इस आयोजन में पीएम के समक्ष काशी और तमिल के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। पीएम नमो घाट से गंगा में जल विहार और रात में काशी के विकास का जायजा लेने भी निकल सकते हैं। 18 दिसंबर की सुबह वे काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन भी कर सकते हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 दिसंबर को गुजरात के सूरत से दोपहर तीन बजे वाराणसी पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे नदेसर स्थित कटिंग मेमोरियल स्कूल के मैदान में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा शहरी की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। करीब एक घंटे तक प्रदर्शनी में रहने के बाद शाम पांच बजे वे नमो घाट पर काशी तमिल संगमम के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
यहां करीब दो घंटे पीएम मोदी मौजूद रहेंगे। अगले दिन सुबह 10.45 बजे पीएम उमरहा स्थित स्वर्वेद मंदिर जाएंगे और यहां भक्तों के बीच एक घंटे रहने के बाद वे मंदिर का लोकार्पण करेंगे। करीब एक बजे वे बरकी मैदान में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा के ग्रामीण में शामिल होंगे। जनसभा के बाद पीएम मोदी बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।