घोसिया। नगर में चल रहे श्रीकृष्ण और रासलीला के छठवें दिन सोमवार शाम को कलाकारों ने जीवंत मंचन कर वाहवाही लूटी। वृंदावन से आए कलाकार स्वामी श्री हरिवल्लभ शर्मा (छोटे ठाकुरजी महाराज ) के सानिध्य में नरसी चरित्र का मंचन किया गया। नरसी भक्त पूर्व जन्म में मुचकुंद नाम के राजा होते हैं। चतुर्भुजी भगवान प्रकट हो कर आशीर्वाद देते हैं और उनका नरसी के रूप में जन्म होता है। भगवान उनकी हुंडी (कर्ज) सांवला शाह बनकर चुकाते हैं। इसके बाद उन्हीं की बेटी रामा की बेटी नानीबाई का विवाह होता है। परिवार वाले पत्र में इतना भाव लिख देते हैं कि नरसी उसे पढ़कर न आए। भगवान अपने भक्त की लाज रखने स्वयं भातई (भाई) बनकर आते हैं। इतना सामान देते हैं शादी में कि आज तक किसी ने नहीं दिया। इस मौके पर आयोजक अशोक बरनवाल ने प्रसाद वितरण किया। इस मौके पर कृष्णा, सोनिया, गुुंजा बरनवाल, सुनील, संदीप बरनवाल आदि रहे।