वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान में इंग्सा एशिया कैपसिटी बिल्डिंग दो दिवसीय कार्यशाला विज्ञान सलाह एवं पर्यावरण का आयोजन मंगलवार को किया गया। आयोजन सचिव प्रो. कविता शाह ने कहा कि वैज्ञानिकों के उच्च स्तर पर पहुँचने के बाद उन्हें साइंस एडवाइज़र का सम्मान मिलता है। प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में ये सम्मान दिया जाता है। मौजूदा वक्त में आवश्यकता है कि इसे युवा वैज्ञानिक एक थीम वर्क के रूप में लें। मुख्य वक्ताओं में न्यूजीलैंड के इंग्सा एशिया चेयर डा. जाकरी अब्दुल हमीद, मलेशिया के डा. लेय ली नूर हीदियाह, इण्डोनेशिया से डा. तसरीना, बांग्लादेश से फराह इस्माइल, गजराज रिशियन, श्रीलंका, डा. खलीसा, डा. अंजना पांडेय आदि ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर डा. वीरेन्द्र मिश्रा, डा. सुनीता वर्मा, डा. जेपी वर्मा, डा. तीर्थंकर बनर्जी आदि मौजूद रहे। छात्र सलाहकार डा. विशाल प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया।