दो दिवसीय कार्यशाला में भावनात्मक संतुलन, करुणा और संवेदनशील पुलिसिंग पर दिया गया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। महिला अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने और तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने के लिए 200 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। पुलिस विभाग और पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए दो दिवसीय कॉग्निटिवली बेस्ड कम्पैशन ट्रेनिंग (सीबीसीटी) कार्यशाला हुई। मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्म-जागरूकता और भावनात्मक संतुलन पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को बताया गया कि कठिन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देने से पहले अपनी भावनाओं को समझना और उन पर नियंत्रण रखना जरूरी है। इससे न केवल कार्यक्षमता बेहतर होती है, बल्कि आमजन के साथ संवाद और व्यवहार भी अधिक सकारात्मक बनता है। प्रशिक्षण के दौरान ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने के अभ्यास कराए गए। समूह चर्चा, गतिविधियों और अनुभव साझा करने के माध्यम से पुलिसकर्मियों को तनाव से निपटने, सहानुभूति रखने और नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार करने के तरीके बताए गए। अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह, तृप्ति मिश्रा, सीमा चक्रवर्ती और ऐमन शाहीन ने सहभागिता की।