वाराणसी। हरतालिका तीज पर मुख्य रूप से सुबह और प्रदोष काल में पूजा करना सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त 04:32 से 05:19 बजे, सुबह का शुभ मुहूर्त 06:12 से 07:06 बजे तक तथा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 से दोपहर 12:41 बजे तक है। प्रदोष काल में पूजा का मुहूर्त सूर्यास्त के ठीक बाद का समय सबसे उत्तम है। 2 घंटे 24 मिनट की अवधि प्रदोष काल कहलाती है। शाम 06:27 बजे के बाद पूजा का फल विशेष है। सोमवार की शाम भगवान शिव और माता पार्वती की बालू से मूर्ति बनाकर पूजा करने का यह सबसे पवित्र समय होता है। संवाद