शब-ए-मेराज पर ज्ञानवापी परिसर में रात भर नारे तकबीर, अल्लाह हू अकबर के नारे बुलंद होते रहे। बुधवार की रातभर शब-ए-मेराज की महफिल में मुसलमानों से एकजुट रहने और ईमान पर कायम रहने की पैगाम दिया गया। ये पहली बार था कि शब-ए-मेराज की इबादत के लिए 1800 अकीदतमंद ज्ञानवापी में जुटे।
इस दौरान सुरक्षा के सख्त इंतजाम रहे। व्यासजी के तहखाने में पूजा की अनुमति मिलने के बाद ज्ञानवापी परिसर में शब-ए-मेराज पर मुस्लिम समुदाय ने एकजुटता दिखाई। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बुधवार की रात आठ बजे से ही लोग इबादत के लिए जुटने लगे थे। गेट नंबर चार से प्रवेश कराया गया।
मस्जिद में इबादत की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। उलेमा ने कहा कि यह वही मुबारक रात है, जिस रात हजरत मोहम्मद अल्लाह के दीदार और मुलाकात से सरफराज हुए। इस मुलाकात के दौरान नबी को तोहफे में पांच वक्त की नमाज मिली। नमाज कुफ्र और ईमान के बीच का फर्क है।
इबादत के बाद सभी ने मिलकर मुल्क में अमन, चैन व भाईचारा बनाए रखने की दुआ की और गुनाहों की माफी मांगी। तकरीर के दौरान ज्ञानवापी सर्वे, व्यासजी के तहखाने और कोर्ट के फैसले का भी जिक्र किया गया। बृहस्पतिवार की भोर में चार बजे कार्यक्रम का समापन हुआ।