ज्ञानपुर। अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर की ग्राम प्रधान को हाईकोर्ट से राहत मिल गई। कोर्ट ने डीएम राजेंद्र प्रसाद के फैसले पर रोक लगाते हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार बहाल करने का आदेश दिया है। अंतिम जांच से पूर्व हुई कार्रवाई कोर्ट में स्टे का आञधार बना। फैसले के बाद प्रधान संगठन ने खुशी जताई। कहा साजिश के तहत प्रधानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर गांव की प्रधान चंद्रावती के खिलाफ गांव निवासी नन्हेलाल ने शिकायत किया था। डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने विकास कार्यों की जांच की। डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में करीब सात लाख गबन दर्शाया गया। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज कर तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का आदेश दिया। ग्राम प्रधान ने अधिवक्ता भुआल विश्वकर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया। जिसमें बिना अंतिम जांच किए साजिश के तहत कार्रवाई का आरोप लगाया। कोर्ट की एकल खंड पीठ सलील कुमार राय की अदालत ने तथ्यों का अवलोकन किया। जिसमें पाया गया कि पंचायत एक्ट अधिनियम के तहत अंतिम जांच किए बिना ही वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करना गलत है। उसी को आधार बनाते हुए कोर्ट ने डीएम के आदेश पर रोक लगाते हुए प्रधान के अधिकार को बहाल करने का आदेश दिया। वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने बैठक कर खुशी जताई। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्र ने कहा कि प्रधान के खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई की गई थी। न्यायालय ने उस पर रोक लगाकर सिद्ध कर दिया। इसी तरह दूसरे प्रधानों को भी परेशान किया जाता है। बैठक में जिला उपाध्यक्ष श्रीराम दूबे, जगदंबा शुक्ल, मेवालाल, दीपक तिवारी, लाल बहादुर पाल आदि रहे।