बीएचयू के ट्रामा सेंटर में सड़क दुघर्टना सहित अन्य गंभीर घटनाओं में घायल मरीजों का इमरजेंसी में बिना किसी खर्च के तत्काल इलाज करने की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। शुरुआती दिनों में तो यह ठीक चला लेकिन पिछले कुछ दिनों से इस व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है। इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं कि दुघर्टना में घायल मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इलाज के लिए उन्हें इमरजेंसी में दवा खरीदकर लानी पड़ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मरीजों को राहत दिलाने के लिए पहले यह व्यवस्था सर सुंदर लाल अस्पताल में शुरू की थी। नियमानुसार इमरजेंसी में आने के बाद अगले दिन सुबह आठ बजे तक मरीजों को इसका लाभ मिलता है। इसके बाद इसका विस्तार करते हुए ट्रामा सेंटर में भी शुरू किया गया लेकिन यहां व्यवस्था लड़खड़ा गई है। इस बारे में पूछे जाने पर विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि व्यवस्था का पालन पहले की तरह हो रहा है। गरीब, असहाय मरीजों को इसका पूरा लाभ मिल रहा है लेकिन अगर कोई दुघर्टना में घायल मरीज परिजनों संग पहुंच रहा है और वह इमरजेंसी में इलाज का खर्चा वहन करने में सक्षम है तो दवा, जांच आदि कराना पड़ता है। इस तरह की कोई शिकायत भी कहीं से नहीं मिली है।