वाराणसी। असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में पीएचडी की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए यूजीसी की ओर से बनी नियमावली की शोध छात्र-छात्राओं ने बीएचयू मुख्य द्वार पर होलिका जलाई। बीएचयू शोध मोर्चा के बैनर तले पूर्व छात्रनेता सुनील यादव के नेतृत्व में इस दौरान यूजीसी के विरोध में नारेबाजी करते हुए छात्रों ने नेट की अनिवार्यता बहाल करने की मांग की। छात्रों ने यूजीसी द्वारा प्रस्तावित रेगुलेशन 2018 को उच्च शिक्षा के बाजारीकरण और वंचित समुदाय के बहिष्करण का दस्तावेज बताया। प्रवीण नाथ, रणधीर सिंह, आशीष कुमार, अनुपम, भुवाल यादव, कृष्ण कुमार, सतीश प्रजापति आदि ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निर्णय वापस नहीं लिया गया तो सड़क पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होगे। साथ ही रेग्युलेशन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए यूजीसी द्वारा निर्धरित 28 फ रवरी से पहले मेल भेजकर आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।