ज्ञानपुर। भादों महीने की शुरुआत के साथ ही कालीन नगरी की फिजा में कजली और तीज के रंग चटख होने लगे हैं। बुधवार को कजली मनाई जाएगी। इसके निमित्त मंगलवार को सजने-संवरने के लिए नगरीय इलाके के ब्यूटी पॉर्लर महिलाओं और युवतियों की भीड़ से पट गए। महिलाओं ने तीज की तैयारी भी शुरू कर दी है। वैसे तो महिलाओं के लिए साज-शृंगार का महत्व हमेशा होता है, लेकिन कजरी और तीज के अवसर पर इसकी अहमियत ज्यादा हो जाती है। यही वजह है कि इन दिनों ब्यूटी पॉर्लरों में भीड़ बढ़ गई है। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने पॉर्लरों में पहुंचकर मेहंदी लगवाई और साज-सज्जा की। पुरानी बाजार स्थित लेडीज ब्यूटी पॉर्लर की संचालक मनिता सरोज ने कहा कि तीज भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा त्योहार है। मान्यता के अनुसार पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए 108 जन्म लिए। इसलिए महिलाएं सज-धज कर पति के लिए इस व्रत को करती हैं। पूनम मौर्या ने कहा कि तीज का नियम है कि क्रोध मन में न आने दें। प्रोफेसर कॉलोनी की संध्या सिंह ने कहा कि माना जाता है कि जो कुंवारी कन्याएं इस व्रत को करती हैं, उनके विवाह में बाधा नहीं आती।