बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में बुधवार को वास्तुविद्या कोर्स का समापन हो गया। 15वें दिन बीएचयू के ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद प्रो. विनय कुमार पांडेय ने ‘निमित्त भवन प्रारूप में सुधार’ विषय पर छात्रों से संवाद किया। कहा कि भवनों के कई भेद होते हैं जो कि दो, तीन, चार, पांच, छह शालाओं से युक्त होते हैं। भवनों का दिशा ज्ञान, उनमें बनने वाले गेट, भवन की ऊंचाई, देवतागृह, शयनकक्ष, भोजनशाला के लिए उपयुक्त स्थान, शौचालय की स्थापना, अध्ययन कक्ष समेत सैकड़ों तकनीकी पक्ष को समझाया। समन्वयक प्रोफेसर सदाशिव कुमार द्विवेदी ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र का वितरण किया।