फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘सभी संप्रदायों पर अमिट छाप छोड़ते हैं गालिब’

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। उर्दू एवं फारसी भाषा के महान शायर मिर्जा गालिब की 150वीं पुण्यतिथि सोमवार को पराड़कर भवन में मनाई गई। मानवाधिकार जन निगरानी समिति के सीईओ डॉ. लेनिन रघुवंशी ने कहा कि बनारसी मिजाज से गालिब इतना प्रभावित हुए कि चार सप्ताह तक यहां रुकने के लिए मजबूर हो गए। साथ ही उन्होंने काशी को काबा-ए-हिंदुस्तान की उपाधि दी। आचार्य मृत्युंजय त्रिपाठी ने कहा कि गालिब ही एकमात्र ऐसे शायर हैं जो सभी संप्रदायों पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। मौलाना हारून रशीद ने कहा कि बेदिल से प्रभावित गालिब ने उर्दू शायरी में नई परंपरा की बुनियाद डाली। इस अवसर पर पद्मश्री राजेश्वर आचार्य को शास्त्रीय संगीत में उत्कृष्ट योगदान के लिए जन मित्र सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में जन निगरानी के ट्रस्टी डॉ. महेंद्र प्रताप, आचार्य मृत्युंजय त्रिपाठी, प्रोफेसर शाहिना रिजवी, डॉ. मोहम्मद आरिफ, श्रुति नागवंशी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें