वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण लालचंद्र की अदालत ने अधिगृहीत जमीन के मुआवजे का कागजात तैयार करने के नाम पर 500 रुपये रिश्वत लेने के आरोपी जौनपुर के मझगावा कला के तत्कालीन नहर विभाग के पतरौल शोभनाथ सिंह को दोषी पाते हुए चार वर्ष की कैद और 50 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है। एडीजीसी राजीव सिन्हा के मुताबिक जलालपुर निवासी शिकायतकर्ता रामदुलार सिंह ने छह मार्च 1999 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि तत्कालीन पतरौल शोभनाथ सिंह ने अधिगृहीत जमीन के कागजात तौयार करने लिए 500 रुपये रिश्वत मांगी है। इस पर ट्रैप टीम ने 8 मार्च 1999 को ट्यूबवेल कालोनी जौनपुर स्थित नहर विभाग कार्यालय से शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते शोभनाथ को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने विचारण में अभियुक्त को दोषी पाया और सजा सुनाई।