वाराणसी। सेंट्रल जेल रोड स्थित सनबीम स्कूल वरुणा के 12वीं के छात्र प्रशांत पांडेय की संदिग्ध हाल में हुई मौत की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे के डिजिटल वीडियो रिकार्डर को कई बार खंगालने के बाद भी पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी कि आखिरकार प्रशांत हॉस्टल बिल्डिंग की छत से जमीन पर कैसे गिरा। इसके साथ ही इस संबंध में फिलहाल पुलिस अधिकारी जवाब देने से कतरा भी रहे हैं। वहीं, रविवार को सीएम योगी के शहर से रवाना होने के बाद पुलिस स्कूल के शिक्षकों और प्रशांत के दोस्तों से एक बार फिर पूछताछ करने की तैयारी में हैं। गाजीपुर जिले के मूल निवासी और दीवानी कचहरी के सहायक अभियोजन अधिकारी प्रजेश कुमार पांडेय का बड़ा बेटा गुरुवार की दोपहर सनबीम स्कूल वरुणा परिसर स्थित हॉस्टल बिल्डिंग के समीप खून से लथपथ पड़ा मिला था। सीसीटीवी फुटेज में प्रशांत हॉस्टल के प्रथम तल की ओर जाने वाली सीढ़ी की तरफ बढ़ता दिखाई दिया और फिर बाहर की ओर जमीन पर गिरता दिखाई दिया। मगर, वह कैसे गिरा यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। इस मामले को लेकर शिवपुर थाने में प्रजेश कुमार पांडेय की तहरीर पर सनबीम स्कूल वरुणा के प्रबंधन और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की तफ्तीश में जुटी टीमों के अनुसार स्कूल के शिक्षकों और प्रशांत के दोस्तों से पूछताछ के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई है लेकिन मामले को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। वहीं, सीएम योगी के शनिवार के शहर आगमन के कारण तफ्तीश में जुटे पुलिसकर्मी भी उनकी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। इस वजह से प्रशांत मामले की जांच आगे नहीं बढ़ सकी।