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Varanasi News: गुजरात की फर्म के ऑफिस से लूटे थे 1.40 करोड़, पूर्व पूर्व थानाध्यक्ष सहित सात पुलिस कर्मी निलंबित

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खोजवा क्षेत्र स्थित शंकुलधारा पोखरे के समीप लावारिस कार से मिले 92.94 लाख रुपये के मामले में भेलूपुर थाने में डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया है। गुजरात की एक फर्म के कर्मचारी विक्रम सिंह के अनुसार, बैजनत्था क्षेत्र की आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित उनके कार्यालय में बीती 29 मई की रात सारनाथ क्षेत्र निवासी अजीत मिश्रा अपने 10-12 असलहाधारी लोगों के साथ आया। उनके साथ मारपीट कर वह एक करोड़ 40 लाख रुपये लूट ले गया था। बदमाशों के डर से वह एक हफ्ते तक चुप्पी साधे रहा। दूसरी तरफ मामले में तत्कालीन पूर्व थानाध्यक्ष सहित सात पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस की भूमिका पूरी तरह से संदेह के घेरे में है।
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गुजरात के पाटन जिले के मकवाना निवासी विक्रम सिंह के अनुसार, उनकी फर्म कृषि संबंधी व्यवसाय करती है। वह अपने स्टाफ के साथ पैसे के कलेक्शन के लिए वाराणसी आए थे। 29 मई की रात वह बैजनत्था क्षेत्र की आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित अपने फर्म के कार्यालय में थे। रात 9:30 बजे के लगभग दो चारपहिया वाहन से अजीत मिश्रा 10-12 असलहाधारियों के साथ उनके ऑफिस में आया। अजीत और उसके साथी उन्हें मारे-पीटे और एक करोड़ 40 लाख रुपये लूट ले गए। विक्रम ने कहा कि घर से बहुत दूर होने के कारण इस घटना से वह डर गए थे और पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। समाचार पत्रों में जब उन्होंने नारंगी रंग की कार से 92.94 लाख रुपये की बरामदगी का समाचार पढ़ा तो वह भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत जुटाए। लावारिस कार से बरामद हुए 92.94 लाख रुपये वापस पाने के लिए वह जरूरी कानूनी कार्रवाई करेंगे। अभी भी लूटे गए 47 लाख रुपये बरामद होना शेष हैं।

लूटा 1.40 करोड़ तो 92.94 लाख छोड़ा क्यों ?
भेलूपुर थाने में दर्ज कराई गई डकैती की एफआईआर को लेकर पुलिस महकमे में ही तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। दबी जुबान पुलिस कर्मियों का ही कहना है कि जो एक करोड़ 40 लाख लूटकर ले जाएगा, वह उसमें से भला 92 लाख 94 हजार रुपये लावारिस कार में छोड़ कर क्यों जाएगा? जब वह रुपये लूटकर भागने में सफल हो ही गया तो दरियादिली क्यों दिखाएगा? जब लूट 29 मई की रात हुई तो पुलिस ने लावारिस कार से 31 मई को कैसे 92.94 लाख रुपये बरामद किए। पुलिस कर्मियों ने कहा कि यह सब कुछ डैमेज कंट्रोल के लिए किया गया है, ताकि जांच की आंच सब पर न आए और दामन पर दाग न लगने पाए। वहीं, शिकायतकर्ता पर भी सवाल उठे हैं कि आखिर ऐसा भी किसका डर कि एक करोड़ 40 लाख लूटे जाने के बाद भी वह पुलिस को सूचना तक नहीं दिया।
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पुलिस कर्मियों को मिली मनमानी की सजा
92.94 लाख रुपये की बरामदगी के मामले में भेलूपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष रमाकांत दुबे, खोजवा चौकी के पूर्व इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुशील कुमार, सब इंस्पेक्टर महेश कुमार, सब इंस्पेक्टर उत्कर्ष चतुर्वेदी और कांस्टेबल महेंद्र कुमार पटेल, कपिल देव पांडेय व शिवचंद्र को सोमवार की रात निलंबित कर दिया गया। अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सातों पुलिस कर्मियों को उन्होंने डीसीपी काशी जोन की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया है। रुपये की बरामदगी के मामले में पुलिस कर्मियों ने उच्चाधिकारियों को तत्काल सूचना न देकर हीलाहवाली और मनमानी की थी। सातों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। रिपोर्ट के आधार पर सभी के खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।
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