वाराणसी। कार्यक्रम संयोजक संघ क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि इन कन्याओं का कन्यादान करना मेरे परिवार का संकल्प था। यह समाज का ऋण है, जिसके लिए सभी को कन्यादान करना चाहिए। इन सभी 125 कन्याओं और इनके माता-पिता से मैंने निवेदन किया, कन्याओं ने मुझे पिता के रूप में स्वीकारा। इसके लिए मेरा परिवार आजीवन इन बेटियों का ऋणी रहेगा। सरसंघचालक को मैंने कार्यक्रम के बारे में बताया और उनसे यहां आने का आग्रह किया और वह अभिभावक के तौर पर यहां शामिल हुए। जब इसे शुरू किया तो समाज के कई लोगों ने आगे आकर सहयोग के लिए कहा तो मैंने उनका आभार जताया। मैंने कहा कि यह मेरा संकल्प है, इस बार मुझे कर लेने दीजिए, अगले वर्ष हम सब मिलकर इससे भी बड़ा कार्यक्रम करेंगे। प्रशासन के कर्मचारियों ने पोखर को साफ किया, गलियों में साफ सफाई की, मैं एक-एक कर्मचारी का जीवन भर आभारी रहूंगा।