ओटीएस की आड़ में अब विद्युत निगम के कर्मचारी मनमानी भी कर रहे हैं। ओटीएस में शामिल नहीं होने वाले बकायेदारों का कनेक्शन काट है लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं दे रहे। इसको लेकर उपभोक्ता परेशान हैं।
विद्युत विभाग की ओर से संचालित ओटीएस योजना में 1.22 लाख के सापेक्ष अबतक करीब 35 हजार बकायेदार ही शामिल हुए हैं। अधिकांश बड़े बकायेदारों ने योजना के तहत पंजीकरण नहीं कराया है। अब ओटीएस का दूसरा चरण शुरू हो चुका है और बकाया सरचार्ज पर दी जाने वाली छूट कम मिलेगी जो 31 दिसंबर तक लागू रहेगी। विभाग की नजर खासकर बड़े बकाएदारों पर है। खासकर नगर के 50 हजार से अधिक के बकारयेदारों के यहां कर्मचारियों की टीम पहुंच रही है और उनके कनेक्शन की जांच करने के बाद डिस्कनेक्शन की कार्रवाई भी कर रही है। विभागीय कर्मियों का दावा है कि पूर्व में नोटिस देने के बावजूद जो बकाएदार योजना में शामिल नहीं हो रहे उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं। लेकिन विभागीय कर्मियों की ओर से इस बाबत कोई प्रमाण नहीं दिया जा रहा है। सोमवार को भी नगर के शास्त्री नगर, बड़ा गड़हा आदि मोहल्लों में विद्युत कर्मचारियों ने 50 हजार से अधिक के आठ बकायेदारों का कनेक्शन काटा। इसके अधिकांश बकायेदारों का निधन 10 से 15 वर्ष पहले की हो चुकी है।
इस माह तक ओटीएस योजना चलेगी। ओटीएस योजना में शामिल होने के लिए बकायेदारों को नोटिस जारी किया गया है। जो बकाएदार इसमें शामिल नहीं हो रहे उनके कनेक्शन काटने व उसकी रसीद देने का निर्देश दिया गया है। - नरेंद्र प्रकाश, अधिशासी अभियंता, विद्युत, बलिया।