ज्ञानपुर। भदोही के नई बाजार के जाहिदपुर में बरामद बंधुआ बाल श्रमिकों के मामले में ठोस कार्रवाई न करने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद को 19 सितंबर को तलब किया है। बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता कृष्ण भूषण मौर्य की याचिका पर आयोग ने यह आदेश दिया है। करीब 10 माह पूर्व श्रम विभाग के प्रवर्तन अधिकारी मो. अब्बास अपनी टीम के साथ नई बाजार स्थित एक कालीन कंपनी में छापेमारी कर 10 बाल श्रमिक को बरामद किया था। इस मामले में कंपनी संचालक पर समुचित कार्रवाई नहीं की गई थी। प्रकरण में बाल कल्याण समिति ने कार्रवाई का आदेश दिया था लेकिन उसको भी नजरअंदाज किया गया। श्रम विभाग की ओर से तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी को भी गलत रिपोर्टिंग की गई। डीएम ने भी उसी रिपोर्ट को बाल संरक्षण आयोग को भेज दिया। मामले में लीपापोती होते देख बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता कृष्ण भूषण मौर्य ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग की खंडपीठ ने डीएम भदोही, डीएम अररिया बिहार के साथ ही श्रमायुक्त यूपी और बिहार को 19 सितंबर को तलब किया है। बता दें कि कालीन कंपनी से बरामद किए गए सभी बाल श्रमिक अररिया बिहार के रहने वाले थे। उनके कल्याण और पुनर्वास को लेकर क्या कदम उठाए गए, यह जानने के लिए वहां के डीएम और श्रमायुक्त को तलब किया गया है।