सुरियावां। सरकार किसानों की आय जहां दोगुनी करने की कवायद में जुटी है वहीं जिले में यूरिया संकट से किसानों को जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अभोली और सुरियावां ब्लॉक की 14 समितियां में खाद ही नहीं है। इससे किसानों को प्राइवेट दुकानों से खाद लेना पड़ रहा है। कहा कि दो दिन में समितियों पर खाद नहीं आई तो वह आंदोलन करेंगे। जिले की 52 सहकारी समितियों में करीब 12 से 15 समितियां कई साल से काली सूची में डाल दी गई हैं। जिससे 37 समितियों के माध्यम से ही जिले के किसानों को खाद मुहैया कराई जा रही है। मानसून की मेहरबानी से किसानों ने धान की रोपाई तो कर लिया लेकिन अब यूरिया न मिलने से छिड़काव नहीं हो पा रहा है। छिड़काव के लिए यह मौसम काफी मुफीद है जिससे किसान निजी दुकानों से मिलावटी यूरिया खरीदने को विवश हैं। सबसे अहम है कि अभोली और सुरियावां के सभी 14 समितियों में एक पर भी खाद नहीं मिल पा रही है। एडीओ कोऑपरेटिव संजय कुमार ने बताया कि खाद उठान के लिए चेक जमा है। कागजी कोरम पूर्ण होने के बाद दो से तीन दिन में खाद समितियों पर आ जाएगी। किसान राधेश्याम, फूलचंद्र, धर्मराज, उदय शंकर, राम खेलावन, शेर बहादुर, रामकरन, रामधनी, शिवपाल, अमरपाल, जोधराज, रामा शंकर, दिनेश कुमार, रामेश्वर, दीनानाथ, आलोक , अशोक कुमार, कुंज विहारी, हरिजन, दिनेश, सुरेंद्र ने जिला प्रशासन से अविलंब समितियों पर यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की। चेताया कि दो दिन में अगर खाद नहीं आई तो वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।