सीतामढ़ी। काशी, प्रयाग और विंध्य की हृदय स्थली सीतामढ़ी बाबा महाकाल के रंग में रंगने लगी है। सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण के महाअनुष्ठान में बृहस्पतिवार को हजारों शिवभक्त पूरे श्रद्धाभाव के साथ पार्थिव शिवलिंग निर्माण में लीन नजर आए। साथ श्री सीताराम महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण गुंजायमान होता रहा।शिव भक्ति के रस में सराबोर भक्तों ने लाखों पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर पुण्यलाभ लिया। 11 दिवसीय महाअनुष्ठान के तीसरे दिन वाल्मीकि रामायण पर श्रीरामकथा का भव्य आयोजन शुरू हुआ। श्री राम कथा सुनाते हुए स्वामी बृजेशानंद जी महाराज ने वाल्मीकि रामायण के महात्म्य पर प्रकाश डाला। कहा कि रामायण सुनने से जीव के समस्त पापों का शमन हो जाता है। कहा कि रामायण सुनने से महाराजा दशरथ ने पुत्रेष्ठि यज्ञ का आयोजन किया और उन्हें पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई। भगवान श्री राम की बाललीला का मनोहारी वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कहा जीवन का सार रामायण ने निहित है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ से पधारी भजन गायिका आयुषी शुक्ला और संदीप राव ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महाअनुष्ठान में ज्ञानपुर ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा, उद्यमी शिवलाल पांडेय, विनय दूबे, कैलाश चंद्र, जज्जे पांडेय आदि श्रद्धालुओ ने पार्थिव शिवलिंग का पूजन विधि विधान पूर्वक किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष राहुल दूबे ने बताया कि अखंड भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।