वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के अगले शंकराचार्य के चयन के लिए देश भर से शीर्ष संतों, आध्यात्मिक संस्थाओं की ओर से भारत धर्म महामंडल को सुझाव मिलने लगे हैं। दंडी स्वामी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोमवार की शाम महामंडल के जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय से फोन पर बात की। वह दो दिन के भीतर महामंडल के पदाधिकारियों से इस मसले पर मिलेंगे। इनके अलावा हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद ने भी महामंडल के पदाधिकारियों से बात कर नियमानुसार चयन प्रक्रिया पर अमल करने की सलाह दी। उधर, श्रीकाशी विद्वत परिषद शंकराचार्य चयन के सवाल पर मंगलवार को मंथन करेगी। ज्योतिष्पीठ का अगला शंकराचार्य कौन होगा? इस सवाल को लेकर काशी विद्वत परिषद की बैठक मंगलवार की शाम चार बजे से शंकुलधारा पोखरे के पास परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल की मौजूदगी में होगी। इसमें व्याकरण, न्याय, मीमांसा के अलावा वेद, वेदांग, वेदांत के ज्ञाता विद्वान हिस्सा लेंगे। इस बैठक में द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के नाम पर सर्वानुमति बनाए जाने के संकेत मिले हैं। परिषद से जुड़े कुछ विद्वानों का कहना है कि ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य रहे स्वामी ब्रह्मानंद की परंपरा के एक मात्र शिष्य जगद्गुरु स्वरूपानंद सरस्वती हैं। इस पद के लिए वह पूरी योग्यता रखते हैं। इसलिए परिषद की आम बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव किया जाएगा। भारत धर्म महामंडल की नेशनल कौंसिल की इस मसले पर बैठक सात दिसंबर को होगी।