वाराणसी। सत्रह दिवसीय मां अन्नपूर्णा का व्रत अनुष्ठान का उद्यापन शुक्रवार को हुआ। 21 क्विंटल धान की बालियों से अन्नपूर्णा मंदिर में मां का श्रृंगार किया गया। पूर्वांचल के किसानों ने धान की बाली मां को अर्पित की। मां अन्नपूर्णा का दरबार जयकारों से गूंज उठा। मां के सत्रह दिवसीय वार्षिक व्रत के उद्यापन का बीते आठ नवंबर से शुरू था। सत्रहवें दिन मां का विशेष श्रृंगार किया गया। 17दिन, 17महीना, और किसी ने पूर्णाहुति 17 वर्ष के बाद करने का प्राविधान है। उप महंत शंकर पूरी ने बताया कि भोग आरती में मां का भव्य श्रृंगार किया गया। आरती की दर्शन पाने के लिए देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। महंत रामेश्वर पुरी ने बताया कि किसानों द्वारा धान की पहली कटाई मां के चरणों में अर्पित की जाती है। प्रसाद स्वरुप भक्तों में इसे बांटा जाता है। जिससे की वर्ष भर धन धान्य की प्राप्ति हो।