मेरिट व आर्थिक आधार पर महाविद्यालयों की 8 छात्राओं को मिलेंगी छात्रवृत्तियां
विज्ञापन
उद्योगपति दीनानाथ की पत्नी किशोरी और जगदीश झुनझुनवाला ने दान की राशि नंबर गेम : 2 छात्रवृत्ति धर्म विज्ञान के छात्रों को मिलेगी 2 बीएससी भौतिकी की छात्राओं को मिलेगी
माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। बीएचयू जल्द ही 12 नई छात्रवृत्तियां शुरू करने जा रहा है। विश्वविद्यालय को इसके लिए 60 लाख रुपये का प्रतिदान मिला है। यह दान राशि जाने माने उद्योगपति दीनानाथ झुनझुनवाला की पत्नी किशोरी और प्रसिद्ध व्यवसायी जगदीश झुनझुनवाला ने दी है। उन्होंने शनिवार को कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन को चेक सौंपा। किशोरी झुनझुनवाला की ओर से मिली 50 लाख रुपये की दान राशि से 25 हजार रुपये की 8 छात्रवृत्तियां शुरू की जाएंगी। इनमें से आठ महिला महाविद्यालय की छात्राओं को मेरिट और आर्थिक स्थिति के आधार पर दी जाएगी। दो छात्रवृत्तियां संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में वेद में आचार्य के विद्यार्थियों को मिलेगी। किशोरी के पति दीनानाथ बीएचयू के पुरातन छात्र हैं। उन्होंने 1954 में इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि हासिल की थी। दीनानाथ ने कहा कि बीएचयू ने हजारों विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा दी है, जो अब दुनिया भर में फैले हैं और अपने काम से विश्वविद्यालय की ख्याति बढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन
बीएचयू के पुरातन छात्र व जेजे प्लास्टालॉए प्राइवेट लिमिटेड के एमडी जगदीश झुनझुनवाला ने बीएससी (ऑनर्स) भौतिकी की दो छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए दस लाख रुपये की राशि दान की है। उन्होंने 1973 में एमएससी न्यूक्लियर फिजिक्स की डिग्री हासिल की थी। कहा कि अध्ययन के दौरान उन्हें प्रो. ओएन श्रीवास्तव और प्रो. पीसी सूद जैसे दिग्गजों से पढ़ने का मौका मिला। जगदीश के पिता रामअवतार झुनझुनवाला ने भी बीएचयू से 1944 में बीएससी की डिग्री प्राप्त की। उन्हें गीता पुरुष के नाम से जाना जाता था और उन्होंने बीएचयू में भी गीता पर प्रवचन दिए थे। उन्होंने ही अपने भाई दीनानाथ को बीएचयू से पढ़ाई के लिए प्रेरित किया था।
कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने योगदान के लिए झुनझुनवाला परिवार का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि बीएचयू एक महान संस्थान है, जिसने राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान दिया है। बीएचयू के प्रति पुरातन छात्रों का स्नेह, समर्पण और जुड़ाव विश्वविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में नए अवसर व संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर संयुक्त कुलसचिव मनोज पांडेय भी उपस्थित थे।