वाराणसी। आधुनिकता के दौर में भी कुछ परंपराएं अपनी जगह कायम हैं। तमाम फैशन के बावजूद महिलाएं इन्हें आगे बढ़ाती हैं। सावन के महीने में मेहंदी इसका बड़ा उदाहरण है। सावन के सभी औरतें एक साथ बैठकर सावन के गीत गाते हुए शौक से मेहंदी लगाती हैं। मॉल्स और बड़ी दुकानों के अलावा चुनिंदा जगहों पर मेहंदी लगाने वाली महिलाएं और युवा की भीड़ लगी है। इस बार सब एरॉबिक, मारवाड़ी, राजस्थानी, बॉम्बे स्टाइल, बैंगल स्टाइल आदि में कुछ न कुछ नए प्रयोग कर रहे हैं।